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बुढ़ापे में याददाश्त की कमी के कारण, लक्षण, बचाव व इसके उपचार

बुढ़ापे में याददाश्त की कमी के कारण, लक्षण, बचाव व इसके उपचार

जैसे ही हमारी आयु 40 वर्ष से ऊपर की हो जाती है तब हमारे शरीर में भी कमजोरी आने लगती है इसके अलावा भी हमें कुछ ऐसी आदतें लग जाती है जो की अक्सर वृद्धावस्था में बहुत सारे लोगों में दिखाई देती है ऐसी ही एक समस्या यादाश्त की कमी भी है जो कि ज्यादातर बुड्ढे लोगों में ही उत्पन्न होने वाली समस्या है वैसे तो यह समस्या किसी भी इंसान को किसी भी आयु में हो सकती है.

लेकिन ज्यादातर यह समस्या बूढ़े लोगों में वृद्धावस्था के दौरान होती है तो इस ब्लॉग में हम इसी समस्या के बारे में बातें करेंगे इस ब्लॉग में इस समस्या के उत्पन्न होने के कारण, लक्षण, बचाव व इसके उपचार आदि के बारे में विस्तार से जानेंगे.

यादाश्त की कमी कैसे होती है

How does memory loss occur? in Hindi – वैसे तो यादाश्त की कमी ज्यादातर बूढ़े लोगों में ही होती है क्योंकि जवान लोगों में अक्सर इस समस्या के पीछे या तो उनका जन्म से ही दिमाग कमजोर होना होता है या उनको किसी हादसे में चोट लगने के कारण याददाश्त चली जाती है

लेकिन बूढ़े लोगों में उनकी आयु के साथ-साथ यह समस्या होने लगती है जिससे उनको किसी भी बात या किसी भी चीज के बारे में भूलने की आदत हो जाती है या वे लोग किसी चीज को एक जगह पर रख कर भूल जाते हैं यह समस्या ज्यादातर 40 वर्ष की आयु के ऊपर के इंसानों में शुरू होती है और जब कोई इंसान 60 वर्ष की आयु का हो जाता है

तब यह समस्या उसको लगभग पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लेती है अगर किसी इंसान को बार-बार किसी चीज के बारे में भूलने की आदत या उसकी शमन शक्ति कमजोर हो जाती है तब उसको इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए इसका इलाज करवाना बहुत जरूरी है

यादाश्त की कमी के क्या कारण है ?

What are the reasons for lack of memory? in Hindi – जैसा कि हमने आपको बताया यह समस्या ज्यादातर वृद्धावस्था में ही उत्पन्न होती है क्योंकि जैसे जैसे हमारी आयु बढ़ती है वैसे ही हमारे शरीर की सभी मांसपेशियों कमजोर होने लगती है उसी तरह से हमारे दिमाग की भी कुछ मांसपेशियां व हमारा दिमाग कमजोर होने लगता है और फिर हमारी याददाश्त में कमी आने लगती है

इसके अलावा इस समस्या की कई और अलग कारण हो सकते हैं जैसे रोगी के दिमाग पर चोट लगना, रोगी को गहरा सदमा लगना, रोगी की रोगी का मानसिक तनाव, चिंता, नींद पूरा न करना, रोगी का ज्यादा दवाइयों का सेवन करना, रोगी को किसी बड़ी बीमारी का होना, रोगी को स्वस्थ भोजन न मिलना,गुस्सा रखना,

रोगी का ज्यादा उत्तेजक पदार्थों का सेवन करना जैसे बीड़ी, शराब, सिगरेट, तंबाकू, और नशीली चीजें, रोगी का ज्यादा मिर्च मसालेदार व तले हुए भोजन का सेवन करना, रोगी का ज्यादा मानसिक दबाव वाले काम करना, रोगी को पढ़ाई, बेरोजगारी, भूखमरी, बच्चों के पालन पोषण, लड़ाई झगड़े डर होना इसके अलावा भी इस समस्या के कई प्रकार के अलग-अलग कारण हो सकते हैं

यादाश्त की कमी के क्या लक्षण है ?

What are the symptoms of memory loss? in Hindi – अगर इस समस्या के लक्षणों के बारे में बात की जाए तो जब यह समस्या उत्पन्न होती है तब रोगी इस समस्या में कई अलग-अलग प्रकार की हरकतें करने लगता है जैसे रोगी का बार-बार किसी चीज को रख कर भूल जाना, रोगी को किसी बात के बारे में याद न रहना,

रोगी का एक ही काम को बार-बार करना, रोगी का जल्दी किसी इंसान को न पहचान पाना, रोगी का शुरू में कुछ दिन पुरानी बातें व् बाद में 1 से 2 दिन पुरानी बातें ही भूल जाना, रोगी के सिर में दर्द रहना, आंखें कमजोर होना,

रोगी का स्वभाव चिड़चिड़ा होना, रोगी को किसी विशेष ध्वनि या किसी विशेष चीज से चिढ़ होना आदि इस समस्या के आम लक्षण होते हैं इसके अलावा भी इस समस्या के उत्पन्न होने पर अलग-अलग लक्षण दिखाई देते हैं

बचाव

अगर आपकी आयु 40 वर्ष या इससे ऊपर है और आपको ज्यादा की कमी की समस्या के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तब आपको कुछ ऐसी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है जो कि आप को इस समस्या से बता सकते हैं और आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है जैसे

  • आपको ज्यादा मानसिक दबाव वाले कार्य नहीं करना चाहिए
  • आपको क्रोध चिंता व गुस्सा नहीं करना चाहिए
  • आपको ज्यादा मिर्च मसालेदार व तले हुए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • आपको शराब बीड़ी सिगरेट तंबाकू व नशीली चीजों के सेवन से परहेज करना चाहिए
  • आपको हर रोज खुली हवा में घूमना चाहिए वह सभी से हंस बोल कर रहना चाहिए
  • आपको अपने सिर में चोट लगने के तुरंत बाद किसी अच्छे डॉक्टर से चेकअप करवा कर दवाइयां लेनी चाहिए
  • आपको हर रोज सुबह सुबह योग प्राणायाम व ध्यान आदि करने चाहिए
  • आपको ज्यादा से ज्यादा कच्ची सब्जियों का सेवन करना चाहिए
  • आपको हर रोज सभी प्रकार के फल फ्रूट खाने चाहिए
  • आपको अपनी नींद पूरी करनी चाहिए और रात को समय से सोना चाहिए
  • आपको दही लस्सी जैसी चीजों का सेवन करना चाहिए क्योंकि यह चीजें ठंडी होती है और इनसे आपका दिमाग शांत रहता है
  • आपको लड़ाई झगड़ा वह मार पिटाई आदि से बच कर रहना चाहिए
  • आपको किसी चीज के बारे में गहराई से सोचना नहीं सोचना चाहिए

याददाश्त तेज करने के घरेलू उपाय

Home remedies to sharpen memory in Hindi – यदि आपको बार-बार किसी चीज को भूलने की आदत है तब आप अपनी कुछ घरेलू चीजों का सेवन करके भी अपनी इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं जैसे

  • आपको ज्यादा से ज्यादा विटामिन b1 और B12 से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए
  • आपको अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां व फल आदि शामिल करने चाहिए जैसे पालक, गोभी, मेथी, धनिया हरी मिर्च, मटर आदि
  • आपको अपने भोजन में घी को नियमित रूप से शामिल करना चाहिए क्योंकि घी आपकी सहनशक्ति के लिए बहुत फायदेमंद होता है आपको हर रोज एक गिलास दूध का सेवन करना चाहिए दूध भी आपके दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद होता है यह भी आपकी स्मरण शक्ति को बढ़ाता है
  • आपको अपने दिमाग को तेज करने के लिए बादाम, किसमिस, अखरोट, ब्लूबेरी जैसी चीजों का सेवन करना चाहिए
  • आपको अपने भोजन मैं मछली का तेल व अलसी के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए यह भी आपके लिए बहुत फायदेमंद होते हैं
  • आपको हर रोज सुबह सुबह सूर्य नमस्कार,प्राणायाम योग व ध्यान आदि करना चाहिए
  • आपको पनीर व दूध से बनी हुई चीजों का सेवन करना चाहिए यह भी आपके लिए बहुत फायदेमंद होती हैं

लेकिन फिर भी अगर आपको बार-बार भूलने की समस्या उत्पन्न हो रही है तब आपको किसी अच्छे दिमाग के डॉक्टर से मिलना चाहिए क्योंकि अगर आप लंबे समय तक की समस्या को ऐसे ही छोड़ देते हैं तब यह समस्या धीरे-धीरे आपके पूरे दिमाग के ऊपर काबू पा लेती है जिससे आपको बाद में निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है

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