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कान बहना क्या है इसके कारण लक्षण बचाव व उपचार

कान बहना क्या है इसके कारण लक्षण बचाव व उपचार

हमारे शरीर के अलग-अलग भागों में अलग-अलग बीमारियां होती हैं कुछ संक्रमण बीमारियां होती है और कुछ ऐसी बीमारी होती है जो कि हमारे शरीर के अंदर होती है और इनसे हमारे शरीर में इंफेक्शन या घाव हो जाता है जिन से हमारे शरीर में बहुत दर्द होता है

लेकिन कई बार हमारे शरीर के किसी भाग से तरल पदार्थ निकलना शुरू हो जाता है जिससे हमें कई प्रकार की परेशानियां होती है इसी तरह से आपने सुना होगा कि आपके आसपास या आपके परिवार में ही किसी बच्चे या बड़े का कान बहने लगता है जो कि एक बहुत बड़ी समस्या है तो आज के इस ब्लॉग में हम कान बहने के कारण लक्षण बचाव व इसके उपचार आदि के बारे में बात करेंगे.

कान बहना बंद कैसे करें

How to stop ear bleeding in Hindi – सबसे पहले आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि कान में दर्द होना एक अलग समस्या है जबकि कान बहना एक अलग समस्या है जब किसी रोगी का कान बहता है तब उसके काम से तरल पदार्थ निकलने लगता है और इस समस्या को चिकित्सक भाषा में ऑटोरिया कहा जाता है

ज्यादातर रोगियों के काम से बहने वाला तरल पदार्थ वैक्स होता है इसलिए आपको अपने कानों को धूल, मिट्टि, और बैक्टीरिया से बचना चाहिए और आपको तरल पदार्थ पदार्थों को कान में नहीं जाने देना चाहिए कई बार कान का पर्दा फटने से भी कान बहने लगता है अगर आपके कान में किसी संक्रमण की संभावना दिखाई देती है

तब आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपने कान का टेस्ट करवाना चाहिए क्योंकि कान हमारे शरीर का अभिन्न अंग होता है इसलिए हमें इसकी देखभाल करना बहुत जरूरी है अगर किसी इंसान के काम से लंबे समय तक तरल पदार्थ निकल रहा है तब इसके पीछे कोई बड़ी बीमारी भी हो सकती है जब किसी का कान बहता है

तब उसके कान से मवाद या खून निकलने लगता है और कान बहना कई प्रकार का होता है इसमें अलग-अलग तरह के तरल पदार्थ निकलते हैं जैसे पानी, खून, वैक्स, मवाद या धुंधला द्रव आदि वैसे तो कान बहने की समस्या ज्यादातर कम उम्र के बच्चों में ही होती है लेकिन कई बार यह रोग बड़ो में भी हो जाता है

कान बहने के कारण

Causes of ear discharge in Hindi – अगर कान बहने के कारणों के बारे में बात की जाए तो किसी भी रोगी की कान बहने के पीछे कई प्रकार के कारणों का हाथ हो सकता है जैसे रोगी के कान में संक्रमण होना, रोगी की कान में पानी, तेल या कोई अन्य तरल पदार्थ चले जाना,

रोगी के कान में किसी नुकीली चीज का लगना, रोगी की कान के ऊपर चोट लगना, रोगी के कान के आसपास चोट लगना जिससे रोगी के कान में संक्रमण फैलना, रोगी के कान में बैक्टीरिया उत्पन्न होना, रोगी के कान में धूल, मिट्टी व कोई चीज चले जाना, रोगी का किसी ज्यादा तेज ध्वनि वाली जगह पर जाना,

रोगी का ज्यादा ईयर फोन का इस्तेमाल करना, रोगी के कान का पर्दा फटना, रोगी के आसपास एकदम धमाका होना आदि इस समस्या के कई प्रकार के कारण हो सकते हैं जिससे किसी भी इंसान को यह समस्या उत्पन्न हो सकती है

लेकिन इस समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए क्योंकि अगर इस समस्या का आप लंबे समय तक उपचार नहीं करवाते हैं तब इससे आपके पूरे सिर में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है जिससे आपको कई और बीमारियां होने लगती है

कान बहने के लक्षण

Symptoms of ear presentation in Hindi – अगर कान बहने के लक्षणों के बारे में बात की जाए तो इसका सबसे बड़ा और उसका सबसे मुख्य लक्षण रोगी के कान से तरल पदार्थ का निकलना होता है

लेकिन इसके अलावा भी इस समस्या के शुरुआती दौर में आपको कई और लक्षण देखने को मिल जाते हैं जैसे रोगी के कान के आसपास दर्द रहना, रोगी के पूरे सिर में दर्द रहना, रोगी के शरीर में जकड़न रहना, रोगी की गर्दन में जकड़न रहना,

रोगी को कान में बार-बार खुजली होना, रोगी के कान के पास बदबू आना, रोगी की कान में सीटी जैसी आवाज सुनाई देना, रोगी को सुनाई देना बंद होना, रोगी के कान में दर्द होना और फिर बाद में द्रव पदार्थ निकलना, रोगी के कान को हाथ लगाने पर दर्द होना, रोगी को सिर हिलाते डुलाते समय दर्द होना आदि इस समस्या के कई और भी लक्षण होते हैं

कान बहना बंद कैसे करें How to stop ear bleeding in Hindi –

  • आपको अपने बच्चों को स्तनपान कराना चाहिए क्योंकि मां के दूध में रोगों से लड़ने की शक्ति होती है
  • आपको अपने सिर व कान के आसपास चोट लगने पर डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए
  • आपको लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए
  • आपको ज्यादा तेज ध्वनि वाले क्षेत्र में जाने से पहले अपने कानों को ढकना चाहिए
  • आपको अपने कानों को पानी से बचा कर रखना चाहिए खासकर नहर, तालाब में नहाते समय
  • आपको बीमार लोगों से दूर रहना चाहिए
  • आपको अपने कानों में संक्रमण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए
  • अपने कानों में किसी नुकीली चीज को नहीं डालना चाहिए

कान बहने का घरेलू उपचार

Home remedies for ear discharge in Hindi – जब किसी इंसान के कान से तरल पदार्थ बहने लगता है तब इसका चिकित्सक उपचार भी संभव है इसके लिए डॉक्टर आपके कान का MRI या सिटी स्कैन करवाते हैं और उसके बाद में आपको उपचार दिया जाता है

और जिस इंसान के कान का पर्दा फट जाने के कारण कान बहता है तब ऑपरेशन के द्वारा रोगी की कान का पर्दा भी डाला जाता है और कुछ समय के परहेज के बाद रोगी फिर से सामान्य हो जाता है

  • रोगी को अपने कान को भाप से सेंकना चाहिए इससे आपके कान से तरल पदार्थ निकल जाता है
  • रोगी को अपने कान में नीम के तेल को रुई पर रखकर लगाना चाहिए यह आपके कान के संक्रमण को कम कर देता है
  • रोगी को अपने कान को एक साइड झुका कर रखना चाहिए जिससे पूरा तरल पदार्थ जल्दी से निकल जाए
  • आपको एंटीबायोटिक यह इयर ड्राप लेनी चाहिए

लेकिन फिर भी अगर किसी इंसान का कान बहता है तब उसको तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज शुरू करवा देना चाहिए क्योंकि यह एक बहुत ही खतरनाक समस्या है इससे आपके पूरे सिर व मस्तिष्क में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है इसलिए आपको जल्दी से जल्दी इलाज करवाना बहुत जरूरी है

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